सच्ची तौबा की क़ुबूलियत
हदीस शरीफ़, बेशक अल्लाह अपनी रहमत वसीअ फरमाता है रात में, ताके दिन में गुनाह करने वाले तौबा करलें और उनकी तौबा क़ुबूल फ़रमाए,* वही गफूरूर रहीम अपनी रहमत को वसीअ फ़रमाता है दिन में ताके रात में गुनाह करने वालों की तौबा क़ुबूल करे, मुस्लिम शरीफ़
